Saturday, September 20, 2008

कब थमेगा गिरजाघरों पर हमलों का सिलसिला


देश में गिरजाघरों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है...हालांकि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने गिरजाघरों पर हमले और उसके बाद हुई सांप्रदायिक हिंसा की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं. इस दरम्यां कल भी बंगलौर और मंगलौर में दो गिरजाघरों पर हमले हुए हैं.
उनका कहना है कि जांच की ज़िम्मेदारी हाईकोर्ट के किसी अवकाश प्राप्त जज को सौंपी जाएगी. प्रदेश सरकार ने पहले इस मामले की जांच राज्य पुलिस की निगरानी इकाई से कराने का फ़ैसला किया था, लेकिन विपक्षी दल न्यायिक जांच कराने की मांग कर रहे थे.
मुख्यमंत्री ने कहा है कि न्यायिक जांच तो होगी, लेकिन इसके साथ-साथ निगरानी इकाई की जांच भी जारी रहेगी. पिछले दिनों प्रदेश के समुद्र तटीय मंगलौर, उडुपी, चिकमंगलूर और कोलार ज़िले में कई गिरजाघरों पर हमले हुए थे.
उड़ीसा में 23 अगस्त के बाद से लगातार ईसाइयों और गिरजाघरों पर हमले हो रहे हैं और वहां इस दौरान क़रीब 18 लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों लोग बेघर हुए हैं. इसी तरह कर्नाटक में पिछले एक हफ़्ते से गिरजाघरों पर हमलों का सिलसिला जारी है.
देश में गिरजाघरों पर हो रहे लगातार हमलों से विदेशों में भारत की छवि धूमिल हुई है.

9 Comments:

सजीव सारथी said...

चिंताजनक

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

कानून, व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को पहली प्रमुखता देना ही पडेगा. हमला चाहे बम का हो या भीड़ का, उससे निर्भयता लाना बहुत ज़रूरी है.

दीपक भारतदीप said...

भारत के सभी लोग अगर कथित धर्मगुरुओं को अनसुना कर जब तक अध्यात्म ज्ञान का मतलब नहीं समझेंगे तब तक यहां शांति स्थापित नहीं होगी। अध्यात्म ज्ञान हो जाने के बाद व्यक्ति कभी दूसरे के बहकावे नहीं आता। अध्यात्म ज्ञान न होने की दशा में कथित ज्ञानी धर्म,जाति और भाषा के बैनर तले एकत्रित भ्रमित लोगों की समूह को बरगला कर उनकी बुद्धि की हरण कर समूह पर अपना बौद्धिक वर्चस्व कायम करते हैं। संघर्षों के बाद तमाम तरह की उन पर होने वाली बहसों में इन तथ्यों को अनदेखा कर दिया जाता है और निष्पक्ष दिख रहे बुद्धिजीवी भी अपने दायित्व से परे होकर इसके या उसके पक्ष में लिखते दिखते हैं।
दीपक भारतदीप

Advocate Rashmi saurana said...

bhut cintajanak baat hai.

मौसम said...

हमले कोई भी करे...शर्मसार तो इंसानियत ही होती है...यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह हमलावरों के ख़िलाफ़ सख्त कारवाई करे और और इसमें शामिल संगठनों पर पाबंदी लगाए...

nadeem said...

के होगा जब भी बाग़बान कोई उल्लू गुलशन का,
तब तक तुम गुलशन के बसने की उम्मीद ना करना.

Dr. Nazar Mahmood said...

firdos ji
i agree with you that these attacks on churhes should be stopped but the reason given by you is not justifiable, that the image of our country is getting down becouase of these attacks. who the hell is thinking about the image of the country....... these people who don't care about the life of innocent people and those people who feel pride in destroying religious places...... these kind of people never ever can think about the image of this great nation. so please ask them to stop these deeds for the sake of humanity and for the sake of their own religion becouase people from other religion can also destroy their religious places, which happened 1992 when Babri Mosque was destroyed here in our country people in bangladesh and in other countries destroyed temples in their countries.
but its good that u raised this issue. keep it up

Udan Tashtari said...

कल टीवी पर देखा, जबलपुर में भी गिरजाघर पर हमला हुआ.अफसोसजनक!!

Pawan Nishant said...

आपके कमेंट से इंस्परेशन मिली। अच्छा लगा। गिरिजाघरों पर हमले हों, या कहीं आतंकी ब्लास्ट। राजनीति लोकतंत्र का हिस्सा है। राजनैतिक दलों को देश की गरिमा और छवि की चिंता नहीं रहती। जांच कोई एजेंसी करे, जब तक उनकी स्वायत्ता सही अर्थ में बहाल नहीं होगी, कानून का राज स्थापित होना मुश्किल है।
आपका
पवन निशान्त

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